हिंदी व्याकरण
भाषा की परिभाषा: -
भाषा वह साधन है जिसके द्वारा कोई भी मनुष्य अपने भावों अथवा विचारों को एक दूसरे के सामने लिखकर या बोलकर प्रकट करता हों तो उसे भाषा कहते हैं
Or
जब कोई मनुष्य अपने भावों अथवा विचारों को लिखकर या बोलकर एक दूसरे के सामने प्रकट करता हो तो उसे भाषा कहते हैं
भाषा के भेद: -भाषा के मुख्यत दो भेद होते हैं
1. लिखित भाषा 2.मौखिक भाषा
1. लिखित भाषा की परिभाषा: - जब कोई व्यक्ति अपने भावों अथवा विचारों को लिखकर एक दूसरे के सामने प्रकट करता हो तो उसे लिखित भाषा कहते हैं
जैसे:- ग्रंथ, पुस्तक, अखबार, पत्र - पत्रिकाएं आदि
2. मौखिक भाषा की परिभाषा: -जब कोई व्यक्ति अपने भावों अथवा विचारों को बोल कर एक दूसरे के सामने प्रकट करता हो तो उसे मौखिक भाषा कहते हैं
जैसे:- नाटक, फिल्म, समाचार, सुनना, संवाद, भाषण आदि
#भाषा के कुछ अन्य भेद भी होते हैं
1. मातृभाषा
2. राजभाषा
3. राष्ट्रभाषा
4. मानक भाषा
1. मातृभाषा किसे कहते हैं?
:- जिस भाषा को बालक बचपन में अपनी मां से सीखते हैं तो उसे मातृभाषा कहते हैं
2. राजभाषा की परिभाषा: - सरकारी कार्यों में प्रयुक्त होने वाला भाषा को राजभाषा कहते हैं
3. राष्ट्रभाषा की परिभाषा: - जिस देश में अनेक भाषाएं बोली जाती है उसे राष्ट्रभाषा कहते हैं
*भारत में अनेक भाषाएं बोली, पढ़ी,लिखी, सुनी जाती है।
# भारतीय संविधान ने 22 भाषाओं को स्वीकार किया हैं - संस्कृत, हिंदी, अंग्रेजी, उर्दू, असमिया, पंजाबी, नेपाली, तमिल, तेलुगू, कन्नड़, गुजराती, बांग्ला, उड़िया, कश्मीरी, मणिपुर, मराठी, मलयालम, मैथिली, डूंगरी, बोडो, संथाली, और सिंधी, आदि
# इन सभी भाषा का प्रयोग अपने अपने क्षेत्र में ही किया जाता हैं
# हिंदी को पूरे भारत में बोला जाता है इसलिए इसे राष्ट्रभाषा कहते हैं
# हमारे देश की राष्ट्रभाषा हिंदी हैं
4. मानक भाषा की परिभाषा: -हिंदी भाषा के रूप को ही मानक भाषा कहते हैं।
# बोली की परिभाषा:-सीमित क्षेत्र चेक प्रयोग की जाने वाली भाषा को बोली कहते हैं
# अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग बोलियां बोली जाती हैं।
जैसे:- राज्य भाषा
पूर्वी उत्तर प्रदेश –--- अवधी
बिहार
भोजपुरी और मैथिली
हरियाणा —- हरियाणवी मारवाड़ी
गुजरात —- गुजराती
लिपी
लिपि की परिभाषा:-
किसी भाषा को लिखने के लिए जिन चिन्हों की जरूरत होती है उस चिन्ह को लिपि करते हैं।
#लिपि का भाषा लिखित रूप में होता है।
#भाषाओं को लिखने के लिए लिपि अलग-अलग होती
जैसे:-
भाषा लिपि
हिंदी, संस्कृत, मराठी, —-- देवनागरी
पंजाबी —- गुरुमुखी
उर्दू, फारसी। —--- फारसी
अरबी —---- अरबी
बंगला —--- बांग्ला
रूसी —--- रूसी
अंग्रेजी, जर्मन, फ्रेंच, स्पेनिश — रोमन
#हिंदी और संस्कृत भाषा की लिपि देवनागरी होती है।
#देवनागरी लिपि की विशेषताएं –
i. इसे दाएं से बाएं लिखा जाता है।
ii. इसमें हर वर्ण का आकार समान होता है।
iii. यह उच्चारण के अनुरूप लिखी जाती है।
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व्याकरण
विधा का वह शास्त्र जिससे भाषा को शुद्ध रूप में लिखना, पढ़ना, और बोलना आ जाय उसे ही व्याकरण कहते हैं।
व्याकरण की विषेताएं -
(i) व्याकरण द्वारा भाषा के स्वरूप का ज्ञान होता है।
(ii) व्याकरण से सही शब्दों का ज्ञान होता हैं।
(iii) व्याकरण से वाक्यों का निर्माण होता हैं।
(iv) व्याकरण से शब्दों का सही, गलत का पहचान होता हैं।
(v) व्याकरण के मदद से ही एक दूसरे से बात करते हैं।
(vi) व्याकरण ही हमें बड़े एवम छोटे से शुद्धता बात करने की ज्ञान देते हैं।
अब कुछ mcq प्रश्न
व्याकरण के कितने अंग हैं?
ध्वनियों के चिह्नों से शब्द बनता है। शब्दों के मेल से वाक्य बनते हैं। इसके आधार पर व्याकरण के अंग बनते हैं। हिंदी व्याकरण के कुल 3 अंग हैं।
1. वर्ण-विचार 2. शब्द-विचार 3. वाक्य विचार
(i) वर्ण-विचार क्या होता है?
वर्ण को अक्षर भी कहते हैं जो अखंड मूल ध्वनि होता है या वर्ण उस मूल ध्वनि को कहते हैं जिसे खंड् या टुकड़ा नहीं किया जा सकता जिसे वर्ण कहते हैं। हिंदी भाषा में वर्णमाला की कुल संख्या 52 है।
स्वर वर्ण की कुल संख्या– 11
अ, आ, इ, ई, उ, ऊ, ऋ, ए, ऐ, ओ, औ।
व्यंजन वर्ण की कुल संख्या – 33
क ख ग घ ङ, च छ ज झ ञ, ट ठ ड ढ ण, त थ द ध न, प फ ब भ म, य र ल व, श ष स ह।
संयुक्त व्यंजन वर्णों की कुल संख्या – 4
क्ष त्र ज्ञ श्र।
अनुस्वार या चंद्रबिंदु की संख्या – 1
(ं) या (ँ)।
विसर्ग की संख्या – 1
(:)।
द्विगुण व्यंजन की संख्या – 2
ड़ ढ़।
कुल वर्णों की संख्या
स्वर – 11
व्यंजन – 33
संयुक्त व्यंजन – 4
अनुस्वार या चंद्रबिंदु – 1
विसर्ग – 1
द्विगुण व्यंजन – 2
कुल वर्णों की संख्या – 52
(ii) शब्द-विचार क्या होता है?
अक्षरों से निर्मित सार्थक एवं स्वतंत्र ध्वनि को शब्द कहते हैं।
Or
अक्षरों द्वारा निर्माण सही एवम्
मैं हिंदी व्याकरण का लेख पढ़ रहा हूं, यह वाक्य 8 शब्दों के मेल से बना है।
शब्द के दो भेद होते हैं, जिन शब्द का अर्थ होता है उसे सार्थक शब्द कहते हैं।
Hii
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